पिछले साल गर्मी में जब सेना और कश्मीरी में विवाद बढ़ गया था और सेना के तरफ से लगातार चलाये जा रहे पैलेट गन में सैकड़ो लोगों ने अपनी आँखे गवा दी थी। उसी वक़्त कश्मीर के एक इलाके से ऐसी खबर आई जिसने सबके दिल को छु लिया।
इस्लामाबाद जिले के आनंग नानील गांव के अली मोहम्मद सोफी पिता अब्दुल सत्तार सोफी(50) ने ऐलान किया की अगर पैलेट गन से अपनी आँख गंवाने वाले सख्श को आँख की जरूरत है तो वो अपना एक आँख देने को तय्यार हैं।
सोफी को तिन बच्चे जिसमे दो लड़के और एक लड़की है। लड़के ड्राईवर हैं। सोफी कहते हैं मुझे नही मालूम ये मुमकिन है या नही पर मैं अपने अल्लाह swt को खुश करने के लिए अपनी आँख डोनेट करना चाहता हु।
पिछले साल 2016 में सोफी ने अख़बार में बकायदा इश्तिहार भी छपवाया की कोई भी जरूरतमंद उनसे सम्पर्क कर सकता है
Sunday, March 26, 2017
जब एक कश्मीरी मुस्लिम ने अपनी आँख दान करने का ऐलान किया
Posted by UnknownAbout Admin of the Blog:
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