कश्मीर में बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हुए विरोध प्रदर्शन में पैलेट गन की शिकार हुयी 14 साल की इफरा शकूर कहती हैं की मैं वो दिन अपने जिंदगी में कभी नही भूल सकती।
इफरा क्लास 8 की स्टूडेंट हैं । वो कहती हैं उस रोज मैं घर लौट रही थी तो पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़ रही थी। मैं अपने छोटे भाई के घर में मौजूद होने का सोचते सोचते घर पहुंची और अपनी माँ से पूछी की बाहर क्या हो रहा है ये सब??
माँ से जवाब न मिलने पर मैं खुद किताब बंद करके घर से बाहर निकल आई। घर के दरवाजे पर आकर मुझे पुलिस के वर्दी में दो पुलिस वाले दिखे।
उन्हें देखकर मैं डर गयी और डरके मारे भागने लगी।
उन्होंने मुझे दौड़ाकर मेरे बाल पकड़ लिए और जूतों से मारने लगे। इतने से भी तसल्ली न हुयी तो मेरे आँख में पैलेट गन से गोली मार दी।
गोली लगने के बाद मुझे कुछ भी दिखना बंद हो गया और मेरे आँख से खून बहना सुरु हो गया था।
इफरा कहती हैं की मुझे उम्मीद है मैं फिर से देख सकूँगी , स्कूल जा सकूँगी, दोस्तों के साथ खेल सकूँगी
और बड़े होकर डॉक्टर बनूँगी ताकि मैं भी दूसरों की मदद कर सकूँ।
Wednesday, February 15, 2017
मेरे बालों को पकड़ा, जूते से मारा फिर भी तसल्ली नही हुयी और मेरे आँख पर पैलेट गन चला दी-इफरा शकूर
Posted by Unknown in: Babar KhanAbout Admin of the Blog:
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