कानूनी जंग में जमीयते उलमा महाराष्ट्र (मौलाना अर्शद मदनी) की एक और अहम कामयाबी,13 साल बाद घर में खुशी की लहर...
2002 के कौमी दंगो के एक केस टीफीन बोम्ब के चार मुल्जिमीन को सुप्रिमकोर्ट ने रिहा कर दिया.
केस की तफसीलात कुछ इस तरह है, 2002 के दंगो के दौरान ता.29-5-2002 को शहर अहमदाबाद के अलग अलग इलाको में ए.एम.टी.एस.बसो में टीफीन बोम्ब धमाके हुये थे,ठीक अक्षरधाम केस की तरह हादसा के तकरीबन एक साल बाद क्राइमब्रांच के अफसरान (वणजारा एंड कंपनी) ने 21 मुसलमानो को गैर कानूनी हिरासत में लेकर जबरदस्ती कबूलात नामे लेकर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी,पोटा ने चार मुल्जिमो को केस से निकाल दिया था और केस चलने पर दुसरे बारह मुल्जिमो को बाइज्जत बरी किया था बाकी पांच 1. मौल्वी अहमद हुसैन मन्सुरी 2.अनस माचीस वाला 3.कलीम हबीब करीमी 4. हनीफ अ.रज्जाक पाकीटवाला 5.हबीब हवा को दस साल की सजा दी थी,मुल्जिमो की तरफ से उनके रिश्तेदारो ने हाइकोर्ट में अपील की थी लेकिन गुजरात हाइकोर्ट ने सिर्फ मौल्वी अहमद हुसैन को बाइज्जत बरी करके बाकी चार मुल्जिमो की सजा बढाकर उम्र कैद में बदल दिया था जिसके खिलाफ मुल्जिमीन और उनके रिश्तेदारो की तरफ से जमीयते उलमा महाराष्ट्र ने सुप्रिमकोर्ट में अपील दाखिल की थी.
ता.1-2-2017 को सुप्रिमकोर्ट के जज जस्टीस पीनाकी घोष और जस्टीस आर.एफ.नरीमन की बेंच ने सुनवाइ की.
मुल्जिमीन की तरफ से सिनीयर एडवोकेट के.एस तुलसी,एडवोकेट कामिनी जयस्वाल,एडवोकेट गौरव अग्रवालने दलीले की थी.और एडवोकेट एजाज मकबुल,एडवोकेट इर्शाद अहमद,और एडवोकेट के.जी.शेख भी मौजुद थे.
माननीय सुप्रिम कोर्ट ने दोनो तरफ की दलीलो को सुनने के बाद आज ता.2-2-2017 को हनीफ पाकीट वाला और हबीब हवा को बािज्जत बरी कर दिया और बाकी दो कलीम करीमी और अनस की सजाओ को कम कर के जेल में काटे हुये दिन सजा गिन कर उन्हे भी रिहा कर दिया.सुप्रिम कोर्ट के इस फैसले से जहां मुल्जिमीन और उनके घरो में खुशी की लहर दौड गइ है वहीं जांच एजन्सी खासतौर से वणजारा एन्ड कंपनी एक और केस में सवालिया निशान के दायरे में आ गइ है..
नोट:-याद रहे इस केस का सारा खर्च अल्हम्दुलिल्लाह जमीयते उलमा महाराष्ट्र ने उठाया और ये केस जमीयत उलमा अहमदाबाद के एड.खालिद शेख,नुरबेग मिर्जा और दुसरे साथीयो की निगरानी में लडा जा रहा था. अल्लाह ताला जमीयत उलमा महाराष्ट्र के जनाब गुलजार आजमी साहब और दुसरे अराकीन को खूब जजा ए खैर अता करे,हजरत मौलाना अर्शद मदनी की उम्र में बरकत अता फरमाये और जेल से छुटने वाले भाइयो और उनके घरवालो को भरपुर खुशीयां अता फरमाये.आमीन
मुफ्ती अब्दुल कैयुम मंसुरी.
जमीयत उलमा अहमदाबाद
Thursday, February 2, 2017
आतंकवाद के झूठे इल्जाम में कैद 14 साल बाद फिर 4 मुस्लिम नौजवान रिहा
Posted by UnknownAbout Admin of the Blog:
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माशाअल्लाह
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