Friday, January 13, 2017

Posted by Naeem
रात के वक़्त एक चोर घर में दाखिल हुआ :
कमरे का दरवाजा खोला तो बेड पर एक बूढ़ी औरत सो रही थी खटपट से उसकी आंख खुल गई चोर ने घबराकर उसकी तरफ देखा तो वह लेटे-लेटे बोली बेटा तुम शक्ल से किसी अच्छे घराने के लगते हो लेकिन हालात से मजबूर हो इसलिए इस रास्ते पर लग गए हो चलो कोई बात नहीं है अलमारी के तीसरे खाने में एक तिजोरी है उसमे सारा माल है तुम खामोशी से लेजाना मगर पहले मेरे पास आकर बैठो मैंने अभी-अभी एक ख्वाब देखा है वह सुनकर जरा मुझे उसकी ताबीर तो बता दो चोर उस बूढ़ी औरत की रहम दिली और शफ़क़त से बड़ा मुतासिर हुआ और खामोशी से उसके पास जाकर बैठ गया बुढ़िया ने अपना ख्वाब सुनाना शुरू किया बेटा मैंने देखा कि मैं एक जंगल में गुम हो गई हूं ऐसे में एक चील मेरे पास आई और उसने तीन दफा जोर-जोर से हकीम हकीम कहा बस  ख्वाब खत्म हो गया और मेरी आंख खुल गई ताबीर बताओ चोर सोच में पड़ गया इतने में बराबर वाले कमरे से बुढ़िया का नौजवान बेटा हकीम अपना नाम जोर-जोर से सुन कर उठ गया और अंदर आकर चोर की खूब धुनाई की बुढ़िया बोली बस करो बेटा अभी यह अपने किये की सज़ा पा चूका,
 चोर बोला नहीं मूझे और मारो ताकि मूझे आगे से यह ध्यान रहे की मैं एक चोर हूँ कोई ख़्वाबों कि ताबीर बताने वाला नहीं।

0 comments:

Post a Comment